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Class 10 Hindi
नीड़ का निर्माण फिर-फिर

नीड़ का निर्माण फिर-फिर – Book Q A Class 10 Hindi

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए :

प्रश्न (क): आँधी के कारण दिन कैसा दीखने लगा और क्यों ?

  • Odia Translation: ଝଡ଼ କାରଣରୁ ଦିନ କିପରି ଦେଖାଯିବାକୁ ଲାଗିଲା ଏବଂ କାହିଁକି?

  • उत्तर: आँधी के कारण दिन रात के समान अंधकारमय और काला दिखने लगा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अचानक धूल से भरे मटमैले बादलों ने पूरे आकाश और भूमि को घेर लिया था, जिससे सूरज छिप गया और अँधेरा छा गया।

प्रश्न (ख): आँधी की रात कैसे लग रही थी ?

  • Odia Translation: ଝଡ଼ର ରାତି କିପରି ଲାଗୁଥିଲା?

  • उत्तर: आँधी की रात अत्यंत भयानक, काली और डरावनी लग रही थी। उसका अंधकार इतना घना था कि ऐसा लग रहा था मानो अब इस रात का कभी सवेरा नहीं होगा।

प्रश्न (ग): तूफान की उग्रता से कौन-कौन से विनाश होने लगे ?

  • Odia Translation: ତୋଫାନର ଉଗ୍ରତା ଯୋଗୁଁ କେଉଁ କେଉଁ ବିନାଶ ହେବାକୁ ଲାଗିଲା?

  • उत्तर: तूफान की उग्रता और रात के भयंकर उत्पात से चारों ओर विनाश का डरावना दृश्य उत्पन्न हो गया। इस भयंकर विनाश और उपद्रव के डर से धरती का प्रत्येक कण और जन-जन (सभी प्राणी) बुरी तरह से भयभीत हो गए।

प्रश्न (घ): आँधी को कौन और कैसे नीचा दिखाता है ?

  • Odia Translation: ଝଡ଼କୁ କିଏ ଏବଂ କିପରି ତଳକୁ ଖସାଇ ଦିଏ (ନୀଚ୍ଚା ଦେଖାଏ)?

  • उत्तर: आँधी को एक छोटी-सी चिड़िया नीचा दिखाती है। वह भयानक तूफान के बाद अपनी चोंच में तिनका लेकर उड़ती है और अपना उजड़ा हुआ घोंसला फिर से बनाने का साहस दिखाकर पवन के अहंकार को हरा देती है।

प्रश्न (ङ): आँधी तूफान में भी कौन मुस्कुराता था ?

  • Odia Translation: ଝଡ଼ ତୋଫାନରେ ମଧ୍ୟ କିଏ ହସୁଥିଲା?

  • उत्तर: भयंकर आँधी-तूफान, रात के घने अंधकार और क्रुद्ध आकाश के वज्र जैसे दाँतों के बीच भी पूर्व दिशा (प्राची) से उषा (सुबह) अपनी मोहिनी मुसकान के साथ मुस्कुराती थी।

प्रश्न (च): नाश के दुख में किसका सुख नहीं दबता ?

  • Odia Translation: ବିନାଶ (ନାଶ) ର ଦୁଃଖରେ କାହାର ସୁଖ ଦବିଯାଏ ନାହିଁ?

  • उत्तर: भयंकर नाश (विनाश) के दुख में भी कभी नवनिर्माण (सृजन) का सुख नहीं दबता है। विनाश के बाद नई चीजों को बनाने का उल्लास और आशा हमेशा जीवित रहती है।

प्रश्न (छ): प्रलय की निस्तब्धता में किसका नव गान सुनाई पड़ता था ?

  • Odia Translation: ପ୍ରଲୟର ନୀରବତାରେ କାହାର ନୂତନ ଗୀତ ଶୁଭୁଥିଲା?

  • उत्तर: प्रलय की भयंकर निस्तब्धता (सन्नाटे) के बाद सृष्टि का नव गान (नया गीत) फिर से सुनाई पड़ता था। यह इस बात का प्रतीक है कि विनाश के बाद जीवन फिर से अपनी नई लय में लौट आता है।

प्रश्न (ज): गृहस्थी जोड़ने में आनेवाली किन विपत्तियों का उल्लेख कवि ने किया है ?

  • Odia Translation: ସଂସାର ବା ଘର (ବସା) ଗଢ଼ିବାରେ ଆସୁଥିବା କେଉଁ ବିପଦଗୁଡ଼ିକର ଉଲ୍ଲେଖ କବି କରିଛନ୍ତି?

  • उत्तर: कवि ने गृहस्थी (नीड़) जोड़ने के मार्ग में आने वाली आँधी, तूफान, धूल-भरे बादलों के छाने और रात के भयंकर उत्पात जैसी विपत्तियों का उल्लेख किया है, जो मनुष्य के जीवन में आने वाली घोर निराशाओं और कठिनाइयों का प्रतीक हैं।

प्रश्न (झ): 'विपत्तियों के बाद सुख के दिन आते हैं' कवि ने इस भाव को किस प्रकार व्यक्त किया है ?

  • Odia Translation: 'ବିପଦ ପରେ ସୁଖର ଦିନ ଆସେ' କବି ଏହି ଭାବକୁ କିପରି ବ୍ୟକ୍ତ କରିଛନ୍ତି?

  • उत्तर: कवि ने इस भाव को भयंकर रात और विनाशकारी आँधी के बाद प्राची (पूर्व दिशा) से उषा (सुबह) की मोहिनी मुस्कान के आने के माध्यम से व्यक्त किया है। प्रलय की निस्तब्धता के बाद सृष्टि का नया गान इस बात का प्रतीक है कि विपत्तियों के बाद सुख अवश्य आता है।

प्रश्न (ञ): नीड़ के निर्माण से कवि का क्या तात्पर्य है ?

  • Odia Translation: ନୀଡ଼ର ନିର୍ମାଣରୁ କବିଙ୍କର ତାତ୍ପର୍ଯ୍ୟ କ'ଣ?

  • उत्तर: 'नीड़ का निर्माण' से कवि का तात्पर्य जीवन की घोर निराशाओं, दुखों और विनाश के बाद फिर से आशा, उल्लास और प्रेम के साथ नवजीवन का निर्माण करने या नई शुरुआत करने से है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए :

प्रश्न (क): आँधी उठने से नभ में क्या छा गया ?

  • Odia Translation: ଝଡ଼ ଉଠିବାରୁ ଆକାଶରେ କ'ଣ ଛାଇଗଲା?

  • उत्तर: आँधी उठने से नभ में अचानक अँधेरा छा गया।

प्रश्न (ख): बादलों ने किस को घेरा ?

  • Odia Translation: ବାଦଳ କାହାକୁ ଘେରିଗଲା?

  • उत्तर: धूलि-धूसर बादलों ने भूमि (धरती) को घेर लिया।

प्रश्न (ग): उषा की मुस्कान कैसी थी ?

  • Odia Translation: ଉଷାର ହସ କିପରି ଥିଲା?

  • उत्तर: उषा की मुस्कान मोहिनी थी।

प्रश्न (घ): बड़े विटप कैसे उखड़ कर गिरे ?

  • Odia Translation: ବଡ଼ ବଡ଼ ଗଛ କିପରି ଉପୁଡ଼ି ପଡ଼ିଲେ?

  • उत्तर: भयंकर आँधी और तूफान के झोंकों से बड़े-बड़े विटप (पेड़) उखड़ कर गिर पड़े।

प्रश्न (ङ): तूफान में कैसा लग रहा था ?

  • Odia Translation: ତୋଫାନରେ କିପରି ଲାଗୁଥିଲା?

  • उत्तर: तूफान में ऐसा लग रहा था कि मानो अब इस काली निशा (रात) का फिर से सवेरा नहीं होगा।

प्रश्न (च): रात कैसी थी ?

  • Odia Translation: ରାତି କିପରି ଥିଲା?

  • उत्तर: रात बहुत काली और डरावनी थी।

प्रश्न (छ): जन जन कैसे थे ?

  • Odia Translation: ଜନ ଜନ (ସବୁ ଲୋକ) କିପରି ଥିଲେ?

  • उत्तर: रात के उत्पात-भय से जन-जन भीत (भयभीत) थे।

प्रश्न (ज): कहाँ से उषा आई ?

  • Odia Translation: ଉଷା କେଉଁଠାରୁ ଆସିଲା?

  • उत्तर: प्राची (पूर्व दिशा) से उषा आई।

प्रश्न (झ): घोषले किससे विनिर्मित थे ?

  • Odia Translation: ବସାଗୁଡ଼ିକ କେଉଁଥିରେ ନିର୍ମିତ ହୋଇଥିଲା?

  • उत्तर: घोंसले तिनकों से विनिर्मित थे।

प्रश्न (ञ): गर्जनमय गगन के कंठ से कौन गाती थी ?

  • Odia Translation: ଗର୍ଜନମୟ ଆକାଶର କଣ୍ଠରୁ କିଏ ଗାଉଥିଲା?

  • उत्तर: घोर गर्जनमय गगन के कंठ से खग-पंक्ति (पक्षियों की पंक्ति) गाती थी।

प्रश्न (ट): चिड़िया चोंच में क्या लिए जा रही थी ?

  • Odia Translation: ଚଢ଼େଇ ଥଣ୍ଟରେ କ'ଣ ଧରି ଯାଉଥିଲା?

  • उत्तर: चिड़िया अपनी चोंच में तिनका लिए जा रही थी।

भाषा-ज्ञान (ଭାଷା-ଜ୍ଞାନ)

1. निम्नलिखित के विपरीत शब्द लिखिए :

काला, अँधेरा, क्रुद्ध, नीचा, सुख, नाश, दबता, महल

  • Odia Translation: ନିମ୍ନଲିଖିତ ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକର ବିପରୀତ (ଓଲଟା) ଶବ୍ଦ ଲେଖନ୍ତୁ :

  • उत्तर (Answers):

    • काला (କଳା) — सफेद (या गोरा)

    • अँधेरा (ଅନ୍ଧାର) — उजाला (या प्रकाश)

    • क्रुद्ध (କ୍ରୋଧିତ/ରାଗିଥିବା) — शांत (या प्रसन्न)

    • नीचा (ତଳ) — ऊँचा

    • सुख (ସୁଖ) — दुख

    • नाश (ବିନାଶ/ଧ୍ୱଂସ) — निर्माण (या सृजन)

    • दबता (ଦବିଯିବା) — उभरता (या उठता)

    • महल (ରାଜପ୍ରାସାଦ) — झोपड़ी

2. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

रात, बादल, चिड़िया, नीड़, सबेरा, निर्माण, गगन

  • Odia Translation: ନିମ୍ନଲିଖିତ ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକର ପର୍ଯ୍ୟାୟବାଚୀ (ସମାନାର୍ଥକ) ଶବ୍ଦ ଲେଖନ୍ତୁ :

  • उत्तर (Answers):

    • रात — रात्रि, निशा, रजनी

    • बादल — मेघ, जलद, घन

    • चिड़िया — पक्षी, खग, विहंग

    • नीड़ — घोंसला, आशियाना

    • सबेरा — सुबह, प्रातः, भोर

    • निर्माण — रचना, सृजन

    • गगन — आकाश, नभ, अंबर

3. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए :

निशा, वज्र, प्रलय, विहंगम, उत्पात, भूधर, प्राची

  • Odia Translation: ନିମ୍ନଲିଖିତ ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକର ଅର୍ଥ ବତାଇ ବାକ୍ୟରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ :

  • उत्तर (Answers):

    • निशा (अर्थ: रात / ରାତି):

      • वाक्य: निशा के समय चारों ओर शांति छा जाती है।

    • वज्र (अर्थ: कठोर, बिजली या इंद्र का अस्त्र / ବଜ୍ର ବା ବହୁତ କଠୋର):

      • वाक्य: महर्षि दधीचि की अस्थियों से इंद्र का वज्र बना था।

    • प्रलय (अर्थ: विनाश / ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ବିନାଶ ବା ଧ୍ୱଂସ):

      • वाक्य: भयंकर भूकंप ने शहर में प्रलय ला दिया।

    • विहंगम (अर्थ: पक्षी / ପକ୍ଷୀ):

      • वाक्य: नीले गगन में सुंदर विहंगम उड़ रहे हैं।

    • उत्पात (अर्थ: उपद्रव या अशांति / ଉପଦ୍ରବ):

      • वाक्य: शरारती बच्चों ने कक्षा में बहुत उत्पात मचाया।

    • भूधर (अर्थ: पर्वत या पहाड़ / ପର୍ବତ):

      • वाक्य: हिमालय भारत का सबसे विशाल भूधर है।

    • प्राची (अर्थ: पूर्व दिशा / ପୂର୍ବ ଦିଗ):

      • वाक्य: प्राची दिशा से सूर्योदय का दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है।


4. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए :

  • Odia Translation: ନିମ୍ନଲିଖିତ ବାକ୍ୟଗୁଡ଼ିକୁ ଶୁଦ୍ଧ (ସଠିକ୍) କରି ଲେଖନ୍ତୁ :

  • उत्तर (Answers):

    • (क) निस्तब्धता छाया हुआ है । ➔ निस्तब्धता छाई हुई है । (निस्तब्धता स्त्रीलिंग है)

    • (ख) काला रात आई । ➔ काली रात आई । (रात स्त्रीलिंग है)

    • (ग) चिड़िया चहचहा रहा है । ➔ चिड़िया चहचहा रही है । (चिड़िया स्त्रीलिंग है)

    • (घ) उषा मुस्कुराता है । ➔ उषा मुस्कुराती है । (उषा स्त्रीलिंग है)

    • (ङ) सृष्टि की नव गान हो रही है । ➔ सृष्टि का नव गान हो रहा है । (गान पुल्लिंग है)

    • (च) कंठ में खगपति गाती है । ➔ कंठ से खग-पंक्ति गाती है । (कविता की पंक्ति के अनुसार)

    • (छ) नीड़ की निर्माण होती है । ➔ नीड़ का निर्माण होता है । (नीड़ और निर्माण पुल्लिंग हैं)

    • (ज) रात-सा दिन हो गई । ➔ रात-सा दिन हो गया । (दिन पुल्लिंग है)

5. निम्नलिखित वाक्यों के खाली स्थान की पूर्ति कोष्ठक में दिए गए शब्दों से कीजिए :

(उषा की, तिनका, दुःख, कंकड़, बादलों ने)

  • Odia Translation: ବନ୍ଧନୀରେ ଦିଆଯାଇଥିବା ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ସାହାଯ୍ୟରେ ନିମ୍ନଲିଖିତ ବାକ୍ୟଗୁଡ଼ିକର ଶୂନ୍ୟସ୍ଥାନ ପୂରଣ କରନ୍ତୁ : (ଉଷା କୀ, ତିନକା, ଦୁଃଖ, କଂକଡ଼, ବାଦଲୋଂ ନେ)

  • उत्तर (Answers):

    • (क) धूलि धूसर बादलों ने भूमि को इस भाँति घेरा ।

    • (ख) प्राची से उषा की मोहिनी मुसकान फिर-फिर !

    • (ग) डगमगाए जब कि कंकड़, ईंट पत्थर के महल-घर ।

    • (घ) नाश के दुःख से कभी दबता नहीं निर्माण का सुख ।

    • (ङ) एक चिड़िया चोंच में तिनका लिए जो जा रही है ।